बिहार का एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक कस्बा केसरिया चंपारण जिले में स्थित है यह जगह अपने विशाल बौद्ध स्तूप के लिए जानी जाती है और दुनिया भर में प्रसिद्ध है ऐसा कहा जाता है कि भगवान गौतम बुद्ध ने इसी स्थान पर अपने अंतिम उपदेश दिए थे आज भी केसरिया बौद्ध धर्म के अनुयायियों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है यहां पर आपको शांत वातावरण पुरातत्व धरोहर और लोक संस्कृति सब कुछ एक साथ देखने के लिए मिलती है अगर आप बिहार जा रहे हैं तो आपको Kesariya Me Ghumne Ki Jagah बाला यह आर्टिकल आखिर तक पड़े ।
📍 केसरीया में घूमने की पॉपुलर जगहें (Top Tourist Places in Kesariya)
1. 🕍 केसरीया स्तूप (Kesariya Stupa)
यह भारत का सबसे बड़ा और ऊंचा बौद्ध स्तूप है जिसकी ऊंचाई करीब 104 फ़ीट माना जाता है कि इस स्तूप को सम्राट अशोक ने बनवाया था एएसआई के अनुसार यह स्तूप पांचवी से 7 बी शताब्दी के बीच बनाया गया था यहां आपको प्राचीन ईटी से बने कई शानदार निर्माण देखने के लिए मिलते हैं और सुबह और शाम के समय यहां घूमने के लिए बेहतरीन माना जाता है।
2. 🌄 बेतिया राजबाड़ी (Bettiah Rajbari)
केसरिया से लगभग 35 किलोमीटर दूर पर बेटा स्थित है यह एक विशाल ऐतिहासिक महल है बेतिया राजघराने से जुड़ा हुआ है यहां की वास्तुकला मुगल और ब्रिटिश प्रभाव दोनों को दर्शाती है इतिहास और फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए यह जगह शानदार स्थान रखती है अगर आप बिहार घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको बेतिया रजवाड़ी घूमने के लिए जरूर जाना चाहिए।
3. 🪔 चम्पारण का गांधी म्यूजियम (Gandhi Museum, Motihari)
चंपारण का गांधी म्यूजियम केसरिया से लगभग 45 किलोमीटर दूर यह म्यूजियम महात्मा गांधी के चंपारण आंदोलन की याद दिलाता है यह गांधी जी के दुर्लभ दस्तावेज और व्यक्तिगत वस्तुओं को रखा गया है और यह एक खास जगह है अगर आप चंपारण जा रहे हैं तो आपको गांधी म्यूजियम घूमने के लिए भी जरूर जाना चाहिए।
4. 🌾 लौरिया नंदनगढ़ (Lauria Nandangarh)
लौरिया नंदनगढ़ यह स्थान भी केसरिया के बिल्कुल नजदीक स्थित है और यहां अशोक के शिलालेख पाए गए हैं यहां के विशाल स्तंभों को शिलालेख भारत की प्राचीन सभ्यता का परिचय देते हैं केसरिया अगर आप घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको लॉरिअ नंदनगढ़ घूमने के लिए भी जरूर जाना चाहिए।
5. 🛕 केसरी बाबा मंदिर
केसरी बाबा मंदिर स्थानीय लोगों के लिए यह धार्मिक जगह बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है हर साल या रामनवमी और महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं अगर आप चंपारण घूमने के लिए जा रहे हैं तो आपको केसरी बाबा मंदिर घूमने के लिए जाना चाहिए और सावन के महीने में भी बड़ी संख्या में टूरिस्ट इस जगह पर घूमने के लिए जाते हैं।
🎯 पास के टूरिस्ट प्लेस (Nearby Tourist Places)
अगर आप केसरीया आए हैं, तो पास के इन जगहों को भी ज़रूर देखें:
ये सभी जगहें भी अपने-अपने राज्य में पॉपुलर टूरिस्ट प्लेस हैं और भारत की संस्कृति का अनुभव देती हैं।
🏨 ठहरने की व्यवस्था (Where to Stay in Kesariya)
केसरीया में होटल बहुत अधिक नहीं हैं, लेकिन आसपास के मोतिहारी और बेतिया शहरों में अच्छे ऑप्शन मिल जाते हैं।
कुछ पॉपुलर होटल हैं:
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Hotel Kailash, Motihari
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Hotel Celebration, Bettiah
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Buddha Heritage Inn, Motihari
अगर आप रुकने की जगह चाहते हैं, तो बोधगया की ओर भी जा सकते हैं, जो धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
🚉 कैसे पहुँचें (How to Reach Kesariya)
✈️ हवाई मार्ग:
सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पटना (Patna Airport) है, जो लगभग 120 किमी दूर है।
🚆 रेल मार्ग:
केसरीया के सबसे पास का रेलवे स्टेशन मोतिहारी (Motihari) है। यहाँ से आप टैक्सी या बस के ज़रिए पहुँच सकते हैं।
🛣️ सड़क मार्ग:
केसरीया तक NH-28 के माध्यम से सड़क से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
पटना, मोतिहारी और बेतिया से बसें नियमित रूप से चलती हैं।
📅 घूमने का सही समय (Best Time to Visit Kesariya)
केसरिया घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है क्योंकि इस समय मौसम काफी ज्यादा सुहाना रहता है और ट्रेवल का एक्सपीरियंस भी इस समय पर काफी खास होता है गर्मी के महीने अप्रैल जून में यहां का टेंपरेचर 40 डिग्री तक पहुंच सकता है इसलिए इस समय यहां ट्रेवल करने से आपको बचना चाहिए।
❓ FAQ – Kesariya Me Ghumne Ki Jagah
Q1. केसरीया स्तूप का निर्माण किसने कराया था?
➡ माना जाता है कि इसका निर्माण सम्राट अशोक ने कराया था।
Q2. केसरीया स्तूप की ऊँचाई कितनी है?
➡ लगभग 104 फीट, जो इसे भारत का सबसे ऊँचा बौद्ध स्तूप बनाती है।
Q3. केसरीया घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
➡ अक्टूबर से मार्च के बीच यहाँ घूमना सबसे अच्छा रहता है।
Q4. क्या केसरीया में ठहरने की सुविधा है?
➡ हाँ, पास के मोतिहारी और बेतिया में अच्छे होटल और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं।
Q5. केसरीया किस जिले में स्थित है?
➡ यह पूर्वी चंपारण (East Champaran) जिले में आता है।
🔚 निष्कर्ष (Conclusion)
केसरिया न केवल एक ऐतिहासिक जगह है बल्कि भारत की बहुत ज्यादा बार पॉपुलर जगह रही है यहां का केसरिया स्तूप अशोक कालीन शिलालेख और आसपास के धार्मिक स्थल इस जगह को और भी ज्यादा खास बनाते हैं अगर आप बिहार घूमने का प्लान बना रहे हैं तो केसरिया को अपनी ट्रेवल सूची में जरूर शामिल करना चाहिए यह जगह आपको इतिहास शांति और संस्कृत तीनों का अद्भुत संगम दिखाती है अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल Kesariya Me Ghumne Ki Jagah अच्छा लगता है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद।
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